पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई के एफटीपी पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बीसीसीआई के 2019 से 2023 तक फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि इसमें भारत-पाक के बीच बाइलेटरल सीरीज को जगह नहीं दी गई है। बीसीसीआई ने अपने पहले वाला रवैया ही अपना रखा है जब तक भारत सरकार से मंजूरी नहीं मिल जाती तब तक पाकिस्तान खिलाफ स्वदेश या विदेश में बाइलेटरल सीरीज संभव नहीं है।
भारत ने 2019 से शुरू होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए भी पाकिस्तान को अपने छह प्रस्तावित प्रतिद्वंद्वियों में शामिल नहीं किया है। पीसीबी ने साफ किया कि उसने बीसीसीआई के खिलाफ जो विवाद निवारण प्रक्रिया शुरू की है। अगर उसे उसमें फैसला उसके अनुकूल रहता है, तो वह वर्तमान एफटीपी ढांचे पर भी आपत्ति करेगा। पीसीबी ने बयान में कहा, इस तरह की चचार्ओं की शुरूआत के बाद से ही पीसीबी ने भारत के खिलाफ बाइलेटरल सीरीज पर अपनी स्थिति को दोहराया है। हमारी स्थिति यह है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए संशोधित ढांचे पर पीसीबी की सहमति इस शर्त के अधीन है कि पीसीबी के पास भारत के साथ द्विपक्षीय मैचों खेलने के लिए एक मान्य समझौता है तथा भारत बनाम पाकिस्तान मैच एफटीपी में शामिल किए जाएंगे।' पीसीबी ने कहा, 'हमारी यह स्थिति अब भी बनी हुई है। बीसीसीआई ने 2014 में एक समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किया था, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ 2015 से 2023 तक घरेलू और विदेशी सरजमीं के आधार पर छह बाइलेटरल सीरीज खेलने का प्रावधान था।
पीसीबी के एक विश्वसनीय सूत्र ने इसके साथ ही कहा कि पाकिस्तान इस मसले को भी उठाएगा कि बीसीसीआई पाकिस्तान की भागीदारी के कारण अगले साल सितंबर में एशिया कप की मेजबानी करने का इच्छुक नहीं है। उन्होंने कहा, एशियाई क्रिकेट परिषद की अगले महीने होने वाली बैठक में एशिया कप के स्थल में बदलाव पर भी चर्चा की जाएगी।
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