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कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास परियोजना के प्रस्तावित प्रारूप का प्रस्तुतीकरण एवं जनसंवाद कार्यक्रम संपन्न

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  • Sep 11, 2026

नागरिकों की सहभागिता से कामाठीपुरा का समग्र, नियोजित एवं सतत विकास सुनिश्चित करेंगे – श्री संजीव जयस्वाल

मुंबई, दि. 11 सितंबर 2026 : “कामाठीपुरा मुंबई के सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विकास का अभिन्न हिस्सा है। इस क्षेत्र का पुनर्विकास केवल पुरानी इमारतों के पुनर्निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के नागरिकों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आधुनिक जीवन स्तर उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र का समग्र, नियोजित और सतत विकास सुनिश्चित करने का अवसर है। नागरिकों की सहभागिता, पारदर्शिता और सतत संवाद के सिद्धांतों के आधार पर इस पुनर्विकास परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा,” ऐसा प्रतिपादन म्हाडा के उपाध्यक्ष तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संजीव जयस्वाल ने किया।

कामाठीपुरा क्षेत्र के समग्र, नियोजित और नागरिक-केंद्रित विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास परियोजना के प्रस्तावित प्रारूप का प्रस्तुतीकरण एवं जनसंवाद कार्यक्रम आज म्हाडा के मुंबई इमारत दुरुस्ती एवं पुनर्रचना मंडल तथा कामाठीपुरा विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में परियोजना स्थल स्थित अखिल पद्मशाली समाज सभागृह में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम में सांसद श्री अरविंद सावंत, विधायक श्री अमीन पटेल, म्हाडा के उपाध्यक्ष तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संजीव जयस्वाल, मुंबई इमारत दुरुस्ती एवं पुनर्रचना मंडल के मुख्य अधिकारी श्री. मिलिंद शंभरकर, नगरसेविका श्रीमती नसीमा जुनेजा, पूर्व नगरसेवक श्री जावेद जुनेजा, मंडल के सह मुख्य अधिकारी श्री उमेश वाघ, म्हाडा के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अनिल वानखेडे तथा विकासक श्री अनुप खंडेलवाल सहित कामाठीपुरा विकास समिति के पदाधिकारी, स्थानीय निवासी, किरायेदार, भू-स्वामी तथा विभिन्न घटकों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इस अवसर पर श्री जयस्वाल ने कहा कि कामाठीपुरा के पुनर्विकास में नागरिकों की अपेक्षाओं और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पुनर्विकास की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से तथा स्थानीय नागरिकों को विश्वास में लेकर आगे बढ़ाई जाएगी। प्रस्तावित प्रारूप के माध्यम से नागरिकों को परियोजना का दायरा, पुनर्वास की योजना, प्रस्तावित सुविधाएं तथा भविष्य के विकास की दिशा स्पष्ट रूप से समझाई जा सके, यही इस जनसंवाद का प्रमुख उद्देश्य है।

उन्होंने आगे कहा कि “नागरिकों के सुझावों और अपेक्षाओं को जानना पुनर्विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए केवल प्रारूप तैयार करना ही नहीं, बल्कि उस प्रारूप के संबंध में नागरिकों से संवाद करना, उनके प्रश्नों का उत्तर देना और आवश्यक सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करना, इस पर म्हाडा का विशेष जोर दिया जा रहा है। नागरिकों की सहभागिता और विश्वास इस परियोजना की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।”


लगभग 34 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना के दायरे में लगभग 475 सेस तथा 259 नॉन-सेस इमारतें शामिल हैं। इस परियोजना से 8,000 से अधिक निवासी एवं किरायेदार जुड़े हुए हैं, जिनमें लगभग 6,625 आवासीय तथा 1,376 व्यावसायिक किरायेदार शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 800 भू-स्वामी भी इस परियोजना से संबंधित हैं। पुनर्विकास के माध्यम से मौजूदा निवासियों एवं किरायेदारों का नियोजित पुनर्वास करने के साथ-साथ लगभग 4,500 अतिरिक्त आवासीय सदनिकाओं के निर्माण की योजना है।

कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास परियोजना म्हाडा के मुंबई इमारत दुरुस्ती एवं पुनर्रचना मंडल (MBRRB) के माध्यम से DCPR 2034 के विनियम 33(9) के अंतर्गत कार्यान्वित की जा रही है। इस परियोजना के लिए म्हाडा को नोडल एजेंसी तथा विशेष नियोजन प्राधिकरण (SPA) का दर्जा प्रदान किया गया है। परियोजना के प्रत्यक्ष विकास का कार्य Construction & Development Agency (C&DA) के माध्यम से किया जाएगा।

प्रस्तावित प्रारूप में आधुनिक एवं भूकंपरोधी निर्माण तकनीक, पर्यावरण-अनुकूल वास्तुरचना, वर्षा जल संचयन, सीवेज एवं ठोस कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र, आधुनिक अग्निसुरक्षा व्यवस्था, लिफ्ट सुविधाएं, आंतरिक सड़क एवं यातायात व्यवस्था तथा आवश्यक सामाजिक एवं नागरिक सुविधाओं को शामिल किया गया है।

श्री जयस्वाल ने बताया कि कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास परियोजना के संबंध में निवासियों द्वारा की गई विभिन्न मांगों पर दिनांक 13 अगस्त 2026 को आयोजित बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए म्हाडा ने कई मांगों को मंजूरी दी है, जबकि कुछ मांगों के संबंध में आवश्यक कार्यवाही एवं नियोजन के निर्देश दिए गए हैं।

पुनर्विकास की अवधि के दौरान निवासियों को आर्थिक स्थिरता प्रदान करने के लिए दो वर्ष का अग्रिम किराया तथा अगले एक वर्ष के किराए के चेक देने को मंजूरी दी गई है। स्थानांतरण एवं अन्य अनुषंगिक खर्चों के लिए एकमुश्त ₹25,000 देने को भी मंजूरी दी गई है। कमरा, दुकान अथवा गाला खाली करने के बाद चरणबद्ध तरीके से किराए का भुगतान किया जाएगा।

गैर-आवासीय गालाधारकों की मांग पर विचार करते हुए क्षेत्रफल के अनुसार संशोधित किराए का प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार 200 वर्ग फुट तक के क्षेत्र के लिए ₹25,000, 200 से 400 वर्ग फुट क्षेत्र के लिए ₹30,000 तथा 400 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र के लिए ₹35,000 प्रतिमाह किराया देने को मंजूरी दी गई है। साथ ही भू-स्वामियों को पुनर्विकास अवधि के दौरान प्रति भूखंड ₹25,000 प्रतिमाह किराया देने को भी मंजूरी दी गई है, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया।

पुनर्वास इमारतों में सुविधाओं के संबंध में भी सकारात्मक रुख अपनाया गया है। निवासियों ने प्रत्येक इमारत में आठ सदनिकाओं के लिए चार लिफ्ट की मांग की थी। इस संबंध में विकासक के प्रतिनिधि ने बैठक में प्रत्येक इमारत में पांच लिफ्ट प्रस्तावित होने की जानकारी दी। साथ ही पुनर्वास इमारतों की निर्माण गुणवत्ता बिक्री के लिए प्रस्तावित इमारतों के समान स्तर की रखने का आश्वासन दिया गया है।

महिलाओं, बच्चों, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का भी विचार किया गया है। इमारतों के प्रारूप मंडल के कार्यकारी अभियंता के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रस्तावित सुविधाएं DCPR-2034 में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार होंगी।

पुनर्विकास प्रक्रिया में निवासियों को आवश्यक कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए सॉलिसिटर नियुक्त करने तथा उनका शुल्क विकासक द्वारा वहन किए जाने की मांग को भी मंजूरी दी गई है।

इसके अलावा परियोजना से सटी संपत्तियों के भू-स्वामी, किरायेदार अथवा निवासियों को परियोजना में शामिल करने के संबंध में भी सकारात्मक रुख अपनाया गया है। परियोजना की अवधि के दौरान प्रस्ताव प्राप्त होने पर अथवा नियोजन की दृष्टि से आवश्यक होने पर DCPR-2034 के विनियम 33(9) के अंतर्गत शासन की मंजूरी से उन्हें परियोजना में शामिल करने की कार्रवाई की जा सकेगी।

कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास केवल इमारतों के पुनर्निर्माण की परियोजना नहीं है, बल्कि इस ऐतिहासिक क्षेत्र के नागरिकों को सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं, सार्वजनिक स्थानों, यातायात व्यवस्था और पर्यावरणीय गुणवत्ता में सुधार करने का व्यापक प्रयास है। समूह पद्धति से पुनर्विकास होने के कारण कामाठीपुरा का विकास अधिक नियोजित, समावेशी और सतत तरीके से करने में सहायता मिलेगी।

इस दौरान परियोजना के वास्तुकार ने कामाठीपुरा समूह पुनर्विकास परियोजना के प्रस्तावित प्रारूप का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसमें परियोजना की संकल्पना, क्षेत्रफल, पुनर्विकास का दायरा, लाभार्थी, पुनर्वास का प्रावधान, आवासीय एवं व्यावसायिक घटक, प्रस्तावित बुनियादी एवं सामाजिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र तथा पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत विकास से संबंधित उपायों की जानकारी दी गई।

स्थानीय नागरिकों, किरायेदारों और भू-स्वामियों ने परियोजना के संबंध में अपने सुझाव, अपेक्षाएं और प्रश्न प्रस्तुत किए। संबंधित अधिकारियों ने उनके प्रश्नों के उत्तर देते हुए परियोजना के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई। नागरिकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करते हुए उनकी सहभागिता से पुनर्विकास प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर इस अवसर पर विशेष रूप से जोर दिया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री सचिन करपे ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। कामाठीपुरा विकास समिति की ओर से उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का सत्कार किया गया। इस अवसर पर कामाठीपुरा विकास समिति के अध्यक्ष श्री दोन्तुल्ला बालानरसै का विशेष सत्कार किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना श्री बालानरसै ने की।

इस अवसर पर विधायक श्री अमीन पटेल तथा सांसद श्री अरविंद सावंत ने भी कामाठीपुरा क्षेत्र के पुनर्विकास के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। बीडीडी चाळ पुनर्वास परियोजना के सफल क्रियान्वयन के बाद समूह पुनर्विकास के लिए ‘म्हाडा’ एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, ऐसा विश्वास सांसद श्री अरविंद सावंत तथा विधायक श्री अमीन पटेल ने इस अवसर पर व्यक्त किया। स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं, सार्वजनिक स्थानों और जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार होना आवश्यक है, इस बात पर उन्होंने जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में श्री रमेश रापेल्ली ने आभार व्यक्त किया।



रिपोर्टर

  • Anoop chandrakant chavan
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